लखनऊ: यूपी में ‘पीएम यूनिटी मॉल’ से कारीगरों और स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान
‘PM Unity Malls’ in UP to Give Global Recognition
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश अब पारंपरिक कारीगरी और स्थानीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में लंबी छलांग लगा रहा है। आगरा, वाराणसी और लखनऊ में तेजी से बन रहे 'पीएम यूनिटी मॉल' केवल शॉपिंग सेंटर नहीं, बल्कि यूपी के 'एक जनपद-एक उत्पाद' (ODOP) और जीआई-टैग उत्पादों के लिए एक वैश्विक खिड़की साबित होंगे। केंद्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी परियोजना के जरिए कारीगरों, महिलाओं और युवाओं को सीधे बड़े बाजारों से जोड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा देने की तैयारी है।
परंपरागत उद्योगों को मिलेगी 'स्वदेशी' की ताकत
ग्रामीण इलाकों में दम तोड़ रहे पारंपरिक उद्योगों के लिए यह मॉल एक संजीवनी की तरह काम करेंगे। योगी सरकार का विजन स्थानीय शिल्पकारों की आजीविका को मजबूत करना और स्वदेशी उत्पादों को एक ब्रांड के रूप में स्थापित करना है। ये मॉल राज्यों की कला, संस्कृति और व्यापार के सबसे बड़े केंद्र बनकर उभरेंगे, जहाँ दुनिया भर से आने वाले पर्यटक यूपी की विविधता को एक ही स्थान पर देख और खरीद सकेंगे।
आगरा: 128 करोड़ से शिल्पग्राम में सज रहा ब्रज का हुनर
ताजनगरी आगरा के शिल्पग्राम क्षेत्र में लगभग 11.53 एकड़ भूमि पर 128.85 करोड़ रुपये की लागत से यूनिटी मॉल का ढांचा खड़ा हो चुका है। यहाँ बेसमेंट की खुदाई और फाउंडेशन का काम 100% पूरा हो गया है। इस मॉल के जरिए आगरा के पेठा और चमड़ा उद्योग के साथ-साथ फिरोजाबाद के कांच उद्योग और ब्रज क्षेत्र के अन्य हस्तशिल्प को देश-विदेश के बाजारों तक पहुंचाने की पुख्ता व्यवस्था होगी।
वाराणसी: काशी की विरासत को मिलेगा आधुनिक आधार
वाराणसी के गंगानगर कॉलोनी में 154.71 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से यूनिटी मॉल का निर्माण युद्ध स्तर पर चल रहा है। डी-वाल का काम पूरा होने के बाद अब बेसमेंट में फाउंडेशन का काम प्रगति पर है। यहाँ बनारसी साड़ी, जरी-जरदोजी और लकड़ी के खिलौनों जैसे प्रसिद्ध उत्पादों को न केवल नया बाजार मिलेगा, बल्कि काशी आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए यह मॉल आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनेगा।
लखनऊ: अवध शिल्पग्राम में जून 2026 तक तैयार होगा मॉल
राजधानी लखनऊ के अवध शिल्पग्राम में 64 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जा रहा यूनिटी मॉल जून 2026 तक बनकर तैयार होने की संभावना है। यहाँ दुकानों की फिनिशिंग और एडमिन ब्लॉक का काम पूरा हो चुका है, जबकि लिफ्ट और ब्रिक वर्क जारी है। यह मॉल लखनऊ की प्रसिद्ध चिकनकारी और जरी-जरदोजी को एक संगठित मार्केट उपलब्ध कराएगा, जिससे अवध क्षेत्र के हजारों कारीगरों की आय में सीधा इजाफा होगा।
निष्कर्ष: सुदृढ़ होगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पर्यटन
इन यूनिटी मॉल्स के माध्यम से प्रदेश के सभी 75 जिलों के उत्पादों को एक साझा मंच मिलेगा। यह पहल न केवल रोजगार के लाखों अवसर पैदा करेगी, बल्कि यूपी को निवेश और पर्यटन के मामले में भी अग्रणी बनाएगी। स्वदेशी को बढ़ावा देने की दिशा में यह योगी सरकार का अब तक का सबसे ठोस कदम माना जा रहा है।